सूरजपुर/दतिमा मोड़- भटगांव तहसील क्षेत्र में वर्ष 2025 जुलाई में भारी बारिश व आंधी-तूफान से कई घरों के खपरैल, सीमेंट सीट व टीन शेड हवा में उड़ गए और कच्चे मकानों में रहने वाले कई लोग बेघर हो गए थे। उन्हें आज तक सरकारी राहत के इंतजार में भटक रहे हैं एक वर्ष बीत जाने को है 11 प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है हालत यह है कि कई परिवार आज भी और स्थाई रूप से अपना गुजर बसर करने के लिए मजबूर हैं प्रशासन की लापरवाही ने पीड़ितों की मुश्किल और भी बढ़ा दी है।
मामला भटगांव तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत राई के अलग-अलग वार्डों में लगातार बारिश के चलते 11 परिवार के मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से ढह गए थे घटना के बाद तुरंत पीड़ितों ने नियम अनुसार पटवारी के माध्यम से सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे स्थानीय स्तर पर सर्वे भी पूरा कर लिया गया था और नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई थी इसके पश्चात भटगांव तहसील में प्रतिवेदन जमा कर दिया गया था उस दौरान तहसील से अनुविभागीय कार्यालय भैयाथान राहत राशि प्रकरण बनाकर भेज दी गई थी इसके बावजूद अब तक किसी भी परिवार को राहत राशि नहीं मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।
इन्होंने की थी आर्थिक सहायता, राशि की मांग
ग्राम राई के संजय जयसवाल आ. शिवलाल जायसवाल, रामानंद पैकरा आ. राजलाल पैकरा, सहाल पैकरा आ. प्रेम पैकरा, रिझवार आ. धीरसाय, जागीर साय आ उज्जैन सिंह, छब्बीस कुमार आ. नंदलाल सिंह, पटवारी यादव आ. धर्मसाय यादव, बुधराम पैकरा आ. भोटी राम पैकरा, पारस देवांगन आ. मोहित देवांगन, अतवारू आ. दादू पैकरा, श्याम बाई पति विशाल सिंह ने मांग किया है कि बारिश व आंधी तूफान से से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाया जाए। लेकिन आज तक इन्हें सहायता राशि प्राप्त नहीं हो सकी है। बता दे कि ग्राम राई गांव के कोटवार उत्तम पाल देवांगन व रामकरण यादव ने पटवारी के माध्यम से अपनी मकान की क्षतिपूर्ति राशि मांग की गई थी और दस्तावेज भी जमा कर दिया गया था लेकिन प्रकरण तहसील में जमा नहीं होने के कारण इनका नाम दर्ज नहीं हो सका जिससे यह दर-दर भटकने को मजबूर है।
जांच कर लापरवाह अधिकारी कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के जनपद सदस्य फुलकेली मरकाम ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है साथ ही सभी प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत राशि उपलब्ध कराने की भी मांग की है उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही मुआवजे की यह फाइल नहीं खोली जाती है तो पीड़ित परिवार के साथ वह जिला मुख्यालय पहुंचेंगे।













