कई न्यायालयों में कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर न्यायिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने का मामला उजागर।
सूरजपुर। थाना सूरजपुर पुलिस ने न्यायालय में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर आरोपियों की जमानत कराने के गंभीर मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी देव प्रताप सिंह (34 वर्ष), निवासी ग्राम अजबनगर (रंगपारा), थाना जयनगर, जिला सूरजपुर को अपराध क्रमांक 525/2026 में गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319 एवं 337 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
मामले की विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने अपने पिता के नाम से कूटरचित (फर्जी) आधार कार्ड तैयार कराया और स्वयं को अपने पिता बताकर न्यायालय में उपस्थित हुआ। इसके बाद उसने अपने पिता के स्थान पर हस्ताक्षर कर आरोपियों की जमानत कराई। यह कृत्य न्यायालय को धोखे में रखकर किया गया, जिसे गंभीर आपराधिक कृत्य माना गया।
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित आरोपी के विरुद्ध पूर्व से भी ऐसे मामलों की जांच चल रही है। आरोपी द्वारा सूरजपुर न्यायालय के अपराधिक प्रकरण क्रमांक 28/2025 एवं 30/2025 में भी कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर अन्य आरोपियों की जमानत कराई गई थी। इसके अतिरिक्त अंबिकापुर स्थित न्यायालय में भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक अन्य आरोपी की जमानत कराने का मामला जांचाधीन बताया गया है।
पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी को धारा 35(ए) BNSS के तहत नोटिस देकर जांच में सहयोग करने के लिए बुलाया था, लेकिन आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया। साथ ही फर्जी आधार कार्ड कहां तैयार कराया गया और उसे कहां रखा गया, इसकी भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी, जिससे दस्तावेज की बरामदगी नहीं हो सकी।
विवेचना में यह भी पाया गया कि आरोपी द्वारा अलग-अलग न्यायालयों में बार-बार कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर जमानत कराया है। ऐसे में भविष्य में भी इसी प्रकार के अपराध किए जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने 17 जुलाई 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया तथा मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
पुलिस अब आरोपी द्वारा अन्य न्यायालयों में किए गए ऐसे मामलों की भी जानकारी एकत्र कर रही है। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।















