सूरजपुर- राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET में लगातार सामने आ रही धांधली, प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोमवार को आम आदमी पार्टी और आदिवासी युवा छात्र संगठन AYSU छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से विरोध दर्ज कराया। दोनों संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने सूरजपुर कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि NEET परीक्षा में हो रही धांधली और संगठित गिरोहों के खिलाफ समयबद्ध व निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA की सुरक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत बनाने की अपील की गई। कार्यकर्ताओं ने परीक्षाओं में हो रही लगातार गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और अनशन पर बैठे शिक्षाविद सोनम वांगचुक के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि हर साल देश के 20 से 24 लाख युवा कठिन परिश्रम करके इस परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पर्चा लीक होने से मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में चला जाता है। यह संविधान द्वारा प्रदत्त समानता और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकारों का हनन है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान आम आदमी पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी आशीष कुशवाहा और AYSU प्रदेश अध्यक्ष एड. अशोक पैकरा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और छात्र मौजूद रहे। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी व कड़े सुधार नहीं किए गए, तो युवा व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

















