---Advertisement---

108 संजीवनी एक्सप्रेस बनी मददगार: एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी, ईएमटी मनीषा की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव

Follow Us
Spread the love

बलरामपुर- स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच से दूर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन सेवा 108 संजीवनी एक्सप्रेस एक बार फिर जीवनदायिनी साबित हुई है। बलरामपुर जिले के सामरी गांव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डूमरखोली में देर रात प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला का चलती एम्बुलेंस में ही ईएमटी द्वारा सूझबूझ दिखाते हुए सुरक्षित प्रसव कराया गया। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई की रात लगभग 11:00 बजे ग्राम डूमरखोली (सामरी) निवासी प्रसूता को अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने बिना समय गंवाए आपातकालीन 108 सेवा को कॉल कर सहायता मांगी। सूचना प्राप्त होते ही 108 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मरीज को लेकर नजदीकी शासकीय अस्पताल के लिए रवाना हुई।

रास्ते में बिगड़ी स्थिति, ईएमटी ने दिखाई तत्परता

अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई। स्थिति की गंभीरता और जोखिम को देखते हुए एम्बुलेंस में तैनात ईएमटी मनीषा ने तुरंत निर्णय लिया और एम्बुलेंस में मौजूद जीवनरक्षक उपकरणों व मेडिकल किट की सहायता से सुरक्षित प्रसव की प्रक्रिया शुरू की। ईएमटी मनीषा के दक्षतापूर्ण प्रबंधन से रात 11 बजे एम्बुलेंस के भीतर ही सफल प्रसव संपन्न हुआ।

अस्पताल में कराया गया भर्ती

प्रसव के पश्चात ईएमटी द्वारा नवजात व माता का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। दोनों की स्थिति सामान्य होने पर उन्हें आगे की चिकित्सकीय देखभाल हेतु नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

इस पूरी त्वरित कार्रवाई में 108 टीम के ईएमई राकेश कुमार तथा प्रोग्राम मैनेजर शैलेश इंदौरिया के कुशल मार्गदर्शन में टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। 108 संजीवनी एक्सप्रेस की इस त्वरित सेवा और ईएमटी मनीषा की कर्तव्यपरायणता के लिए परिजनों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने पूरी टीम का आभार व्यक्त किया है।

Related News

सूरजपुर की ताजा खबरे

क्राइम न्यूज़

Leave a Comment