प्रताड़ना, भेदभाव और 15वें वित्त आयोग की राशि के वितरण में अनियमितता का आरोप; कलेक्टर ने निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन
सूरजपुर/भैयाथान- जनपद पंचायत भैयाथान की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया, जब अध्यक्ष सुलोचनी पैकरा की कार्यशैली से असंतुष्ट नौ जनपद पंचायत सदस्य जिला कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे। सदस्यों ने कलेक्टर के समक्ष अपनी आपबीती सुनाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है तथा 15वें वित्त आयोग की राशि के वितरण में उनके क्षेत्रों की उपेक्षा कर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया गया है।
जनदर्शन में सौंपे गए ज्ञापन में सदस्यों ने आरोप लगाया कि 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों में नौ जनपद सदस्यों के क्षेत्रों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उनका कहना है कि सभी सदस्यों से निर्माण कार्यों के प्रस्ताव मांगे गए थे, लेकिन बाद में केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ही कार्य स्वीकृत किए गए, जबकि उनके क्षेत्रों में एक भी निर्माण कार्य शामिल नहीं किया गया।
सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि सामान्य सभा की बैठक में कार्ययोजना, स्वीकृति प्रक्रिया और राशि के आवंटन संबंधी जानकारी मांगने पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया और आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया।
जनपद सदस्यों का कहना है कि उन्हें लगातार उपेक्षित और प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे उनके क्षेत्र की विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा सभी जनप्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की।
कलेक्टर ने दिया जांच का भरोसा
जनदर्शन में शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर ने जनपद पंचायत सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराए जाने और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।


















