जिले को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराध मुक्त बनाने के सामूहिक प्रयासों को मजबूत बनाने में करें सहयोग- पुलिस अधीक्षक सूरजपुर।
सूरजपुर- जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा असामाजिक एवं आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य को लेकर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के प्रतिवेदन पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सूरजपुर रेना जमी़ल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। यह आदेश जिले के समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
जारी आदेश के अनुसार अब जिले में किसी भी मकान, भवन, दुकान या अन्य परिसर को किराये पर देने से पहले संबंधित किरायेदार का पूर्ण विवरण एवं सत्यापन निकटतम थाना या चौकी में देना अनिवार्य होगा। बिना पुलिस सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को किराये पर आवास या भवन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही होटल, लॉज, ढाबों तथा निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों का विवरण भी संबंधित थाना में उपलब्ध कराना होगा।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर के प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने यह निर्णय जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, अपराधों की रोकथाम तथा संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है। कई बार किरायेदारों का सत्यापन नहीं होने के कारण अपराधी तत्व अपनी पहचान छिपाकर वारदातों को अंजाम देते हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होती है। ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आदेश के तहत मकान मालिकों को किरायेदार का नाम, पता, मोबाइल नंबर, पहचान-पत्र एवं अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज कर संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध करानी होगी। यदि कोई किरायेदार अथवा उसके यहां आने वाला व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त दिखाई देता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को देना भी आवश्यक होगा। होटल संचालकों को भी संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचानी होगी।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जनहित, शांति व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दण्डनीय होगा। यह आदेश जारी होने की तिथि से 60 दिनों तक अथवा अगले आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
पुलिस अधीक्षक की जनता से अपील
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने जिलेवासियों से अपील की है कि किरायेदारों का सत्यापन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज और परिवार की सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रत्येक मकान मालिक, होटल संचालक एवं संस्थान प्रमुख इस आदेश का पालन करते हुए पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करें, ताकि सूरजपुर को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त बनाने के सामूहिक प्रयासों को मजबूती मिल सके।


















