सूरजपुर- इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन की 256वीं लाइफलाइन एक्सप्रेस (जीवन रेखा एक्सप्रेस) का शुभारंभ आज बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 02 पर हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज व विशेष अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं। सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज ने रिबन काटकर इस चलते-फिरते अस्पताल का विधिवत उद्घाटन किया। यह ऐतिहासिक हॉस्पिटल ट्रेन जिले में चौथी बार पहुंची है, जहां 16 अगस्त से 05 सितम्बर 2026 तक नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर संचालित किया जाएगा। शिविर में प्रतिदिन प्रात: 09 बजे से सायं 04 बजे तक ओपीडी संचालित होगी तथा मरीजों की जांच एवं शल्य चिकित्सा पूर्णत: नि:शुल्क की जाएगी।
मुख्य अतिथि सांसद चिंतामणी महाराज ने फीता काटकर लाइफलाइन एक्सप्रेस का उद्घाटन किया। इसके पश्चात अतिथियों ने ट्रेन के विभिन्न कोच का अवलोकन किया।
इसके साथ ही जनप्रतिनिधिगण, इम्पैक्ट फाउंडेशन की टीम व जिला प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में ऑपरेशन थिएटर, रिकवरी रूम एवं पंजीयन काउंटर का अवलोकन किया गया। उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली गई तथा उपचार कराने पहुंचे मरीजों से आत्मीय चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना।
अवलोकन के दौरान कलेक्टर रेना जमील ने उपस्थित- अधिकारी कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लाइफलाइन एक्सप्रेस तक मरीजों को पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम है, अत: ट्रेन के आसपास कहीं भी जल जमाव न हो, इसका समुचित प्रबंध किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि शिविर स्थल तक आवागमन, बैठक, पंजीयन एवं साफ-सफाई की व्यवस्था इस प्रकार हो कि यहां पहुंचने वाले मरीजों को बगैर किसी असुविधा के नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो सकें। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने तथा प्रतिदिन व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
प्रारंभ में इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने प्रोजेक्ट की रूपरेखा, शिविर की कार्यक्रम अनुसूची एवं उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में बाबूलाल अग्रवाल, निर्मला यादव, रितेश जायसवाल, राजेश्वर तिवारी सहित जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर रेना जमील, जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा, एसडीएम शिवानी जायसवाल, इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन की मैनेजिंग ट्रस्टी प्रोफेसर डॉ. रोहिणी वी. चौगुले, सीनियर ऑपरेशन्स ऑफिसर डॉ. मनोहर रेड्डी, योगेश कुमार सहित गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में आमजन व ईलाज कराने के लिए आये मरीज़ उपस्थित थे।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वस्थ शरीर ही सुखी परिवार और समृद्ध समाज का आधार है। उन्होंने कहा कि लाइफलाइन एक्सप्रेस उन जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान है, जिनके लिए बड़े शहरों में जाकर महंगी शल्य चिकित्सा कराना संभव नहीं हो पाता। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि आज यह अस्पताल स्वयं चलकर हमारे अंचल के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है, यह अत्यंत सुखद है। उन्होंने विशेष रूप से माताओं-बहनों से आग्रह किया कि वे संकोच छोड़कर स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की नि:शुल्क जांच अवश्य कराएं, क्योंकि समय पर जांच होने से गंभीर बीमारी को प्रारंभिक अवस्था में ही रोका जा सकता है। उन्होंने समस्त जिलेवासियों से अपील की कि स्वास्थ्य संबंधी उपचार व निदान हेतु इस शिविर का सभी लाभ अवश्य उठाएं।
मुख्य अतिथि सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह ट्रेन केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि गरीबों के लिए जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि सरगुजा अंचल के वनांचल क्षेत्रों में आज भी अनेक ऐसे परिवार हैं, जो साधनों के अभाव में मोतियाबिंद, बहरेपन अथवा हड्डी की विकृति जैसी समस्याओं के साथ वर्षों से जीवन बिता रहे हैं। ऐसे लोगों के द्वार तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम का पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के पात्र मरीजों को चिन्हित कर शिविर तक लाने में सहयोग करें, ताकि इस 21 दिवसीय शिविर का अधिकतम लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंच सके।
इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन की मैनेजिंग ट्रस्टी प्रोफेसर डॉ. रोहिणी वी. चौगुले ने अपने उद्बोधन में कहा कि लाइफलाइन एक्सप्रेस की यात्रा वर्ष 1991 में इसी संकल्प के साथ प्रारंभ हुई थी कि देश के दूरस्थ अंचलों में निवारणीय विकलांगता को समय रहते रोका जाए।
उन्होंने कहा कि विश्व की यह पहली हॉस्पिटल ट्रेन अब तक देश के अनेक जिलों में पहुंचकर लाखों लोगों को नि:शुल्क उपचार उपलब्ध करा चुकी है और सूरजपुर में यह 256वां प्रोजेक्ट है। डॉ. चौगुले ने कहा कि ट्रेन में अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी ऑपरेशन थिएटर तथा अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की टीम उपलब्ध है, जिनके द्वारा गुणवत्तापूर्ण शल्य चिकित्सा सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने सूरजपुर जिला प्रशासन एवं भारतीय रेलवे द्वारा दिए गए सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी ही ऐसे शिविरों की सफलता का आधार होती है।
कलेक्टर रेना जमील ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि शिविर का लाभ जिले के अंतिम छोर तक निवासरत प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को मिले। कलेक्टर जमील ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का दल निरंतर समन्वय बनाए हुए है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने साथ आधार कार्ड अथवा अन्य पहचान पत्र अवश्य लेकर आएं और निर्धारित तिथियों के अनुसार संबंधित रोग की जांच हेतु उपस्थित हों।
शुभारंभ के साथ ही रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की कतार लग गई। शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच से लेकर मोतियाबिंद तथा वर्षों से चली आ रही अन्य व्याधियों के उपचार की आस लिए जिले के दूर-दराज अंचलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रथम दिवस प्राप्त अंतिम जानकारी के अनुसार कुल 866 मरीजों ने विभिन्न बीमारियों के उपचार हेतु पंजीयन कराया। ऐसे अनेक मरीज भी शिविर तक पहुंचे, जो लंबे समय से निजी चिकित्सा का व्यय वहन न कर पाने के कारण इलाज से वंचित थे। नि:शुल्क सेवा मिलने पर लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे अपने लिए बड़ी राहत बताया।
उल्लेखनीय है कि लाइफलाइन एक्सप्रेस विश्व की पहली आधुनिक हॉस्पिटल ट्रेन है, जिसकी शुरुआत 16 जुलाई 1991 को हुई थी। यह इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन, भारतीय रेलवे तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अनूठी संयुक्त पहल है। ट्रेन के डिब्बों में अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी ऑपरेशन थिएटर मौजूद है, जिसमें पांच ऑपरेशन टेबल की सुविधा है और एक साथ पांच सर्जरी तक की जा सकती हैं।
ऑपरेशन थिएटर में सर्जिकल माइक्रोस्कोप, वेंटिलेशन सिस्टम, एनेस्थीसिया मशीन एवं ऑटोक्लेव जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों के साथ रिकवरी रूम की व्यवस्था भी है। ट्रेन के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग ऑफिसर्स, टेक्नीशियन एवं स्वास्थ्यकर्मियों की अनुभवी टीम निरंतर कार्यरत रहती है।
शिविर की निर्धारित कार्यक्रम अनुसूची के अनुसार आंख की जांच एवं मोतियाबिंद की सर्जरी हेतु ओपीडी 16 से 21 अगस्त तथा ऑपरेशन 17 से 22 अगस्त तक होंगे। कान की जांच के लिए ओपीडी 22 से 27 अगस्त एवं कान की सर्जरी 23 से 28 अगस्त तक की जाएगी। मुड़े हुए हाथ एवं पैर के परीक्षण (18 वर्ष से कम आयु) तथा कटे-फटे होंठ एवं जलने के बाद हुए संकुचन की प्लास्टिक सर्जरी हेतु जांच 28 से 31 अगस्त एवं सर्जरी 29 अगस्त से 01 सितम्बर तक होगी। दांत की जांच एवं उपचार 01 से 05 सितम्बर तक तथा स्त्री रोग अंतर्गत स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच व स्क्रीनिंग 16 से 21 अगस्त तक की जाएगी। भर्ती किए गए रोगियों के साथ सहयोग के रूप में केवल एक व्यक्ति को रहने की अनुमति दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 7039673973 पर संपर्क किया जा सकता है।




























