हजारों की संख्या में भारतीय मजदूर संघ ने सौंपा ज्ञापन
सूरजपुर- भारतीय मजदूर संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के जिला सूरजपुर इकाई ने देश के श्रमिकों, कर्मचारियों एवं स्कीम वर्कर्स की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा, वेतन सुधार तथा श्रम संहिताओं में संशोधन सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी सूरजपुर के माध्यम से 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संघ ने श्रमिक वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत करने और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
भारतीय मजदूर संघ की अखिल भारतीय कार्यसमिति के निर्णय के अनुसार 17 अगस्त को आयोजित एक दिवसीय आंदोलन के तहत यह ज्ञापन सौंपा गया। संघ का कहना है कि देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले श्रमिकों को बेहतर आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है।
न्यूनतम वेतन 30 हजार करने की मांग
ज्ञापन में श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 30,000 प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई है। इसके साथ ही कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के चिकित्सा एवं नगद लाभों का दायरा बढ़ाने के लिए वर्तमान 21,000 की मासिक वेतन सीमा को बढ़ाकर 42,000 करने की मांग की गई है।
EPS पेंशन और EPF सीमा बढ़ाने की मांग
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए न्यूनतम EPS पेंशन 7,500 प्रतिमाह निर्धारित करने, उसमें परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) जोड़ने तथा सभी पेंशनधारियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। वहीं EPF अंशदान के लिए अनिवार्य वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 30,000 करने की मांग रखी गई।
बोनस और ग्रेज्युटी में बदलाव की मांग
संघ ने बोनस की गणना के लिए वर्तमान 7,000 की सीमा को बढ़ाकर 18,000 करने तथा बोनस पात्रता की वेतन सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 करने की मांग की है। सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को वित्तीय स्थिरता देने के लिए ग्रेज्युटी की अधिकतम वैधानिक सीमा ₹40 लाख करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
आंगनबाड़ी, आशा और मिड-डे मील कर्मियों के मानदेय में वृद्धि
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता (NHM) तथा मिड-डे मील के तहत कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने की मांग की गई है।
समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग
भारतीय मजदूर संघ ने देश के सभी सार्वजनिक एवं निजी प्रतिष्ठानों में कॉन्ट्रैक्ट और कैजुअल आधार पर कार्यरत श्रमिकों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत कड़ाई से लागू करने की मांग की है।
इसके अलावा केंद्रीय श्रम संहिताओं (लेबर कोड) में भारतीय मजदूर संघ द्वारा श्रमिक हित में दिए गए सुझावों के आधार पर शीघ्र संशोधन करने की मांग रखी गई है।
बैंकों में 5-डे वर्किंग लागू करने की मांग
बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की कार्यकुशलता, मानसिक श्रम एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए देश के सभी बैंकों में सप्ताह में पांच दिन कार्य पूर्ण रूप से लागू करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।
भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि देश के कामगारों को आर्थिक तंगी से उबारने और उन्हें सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए केंद्र सरकार द्वारा शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना आवश्यक है। जिसमें उपस्थित अखिल भारतीय कोयला मजदूर संघ महामंत्री सुजित सिंह, भारतीय मजदूर संघ जिला अध्यक्ष अमरसिंह, भारतीय मजदूर संघ जिला महामंत्री सालीक राम , चंदा राजवाड़े जिला उपाध्यक्ष भारतीय मजदूर संघ एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुमन मति केराम प्रदेश अध्यक्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ, दिलीप मंडल उप महामंत्री भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ छत्तीसगढ़, एवं समस्त यूनियन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





























