सूरजपुर- सूरजपुर में वर्ष 2005 से 2008 के दौरान रामानुजनगर एवं प्रेमनगर क्षेत्र में हुई कथित फर्जी शिक्षा कर्मी वर्ग-3 नियुक्तियों के मामले में शिवसेना छत्तीसगढ़ जिला इकाई सूरजपुर ने जिलाध्यक्ष हेमन्त कुमार महन्त के नेतृत्व में राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम सूरजपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर वर्तमान जांच अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी रामानुजनगर को हटाने तथा 15 दिनों के भीतर उच्च अधिकारियों की देखरेख में नई निष्पक्ष जांच समिति गठित करने की मांग की है।
शिवसेना पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सितंबर 2024 में तत्कालीन कलेक्टर के आदेश के बाद बनी समिति जांच को गुमराह कर रही है और प्रस्तुत किए गए 74 पृष्ठों के महत्वपूर्ण सबूतों व दस्तावेजों को दरकिनार कर रही है। संघ ने पूर्व में दिए गए साक्ष्यों के आधार पर दोषियों तथा तत्कालीन चयन समितियों की भूमिका पर निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 15 दिवस में ठोस प्रशासनिक कदम नहीं उठाए गए, तो 02 सितंबर 2026 को सूरजपुर के कर्मा चौक के सामने चक्काजाम एवं उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
नोट- यह समाचार शिवसेना जिला सूरजपुर द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है; प्रकरण में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया
जाएगा।





























