सूरजपुर/रामानुजनगर- सावन की उमंग, सौंदर्य, संस्कृति और आपसी प्रेम को समर्पित सावन सिंगार मेले का पहली बार रामानुजनगर स्थित होटल अन्नपूर्णा में आयोजन किया गया। मेले में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पारंपरिक गीत-संगीत, सावन के लोकाचार, श्रृंगार तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आयोजन की रूपरेखा तैयार करने में नूतन सिंह तथा इसे अंतिम रूप देने में प्रतिमा द्विवेदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सावन की पारंपरिक खुशियों का आनंद लिया और लोक संस्कृति से जुड़ी परंपराओं को जीवंत किया।
सावन महोत्सव को उमंग, उत्साह और आपसी प्रेम का पर्व माना जाता है। इसी भावना को केंद्र में रखते हुए आयोजित मेले में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक अभिरुचियों को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में सावन के पारंपरिक गीत-संगीत, मेहंदी, श्रृंगार और आपसी मेल-जोल जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
मेले में महिलाओं ने पारंपरिक गीत-संगीत, सावन के लोकाचार, श्रृंगार और रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे आयोजन में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सावन की पारंपरिक खुशियों का आनंद लिया और लोक संस्कृति से जुड़ी परंपराओं को जीवंत किया।
आयोजकों ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारंपरिक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी इस आयोजन का उद्देश्य है। सावन के गीत-संगीत, मेहंदी, श्रृंगार और आपसी मेल-जोल जैसी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता है।
रामानुजनगर में पहली बार आयोजित सावन सिंगार मेले में महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति और उत्साह ने आयोजन को खास बना दिया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को मनोरंजन के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, रचनात्मकता साझा करने और आपसी संबंधों को मजबूत करने का अवसर मिला। आयोजकों ने इसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।



























