जांच में चावल-शक्कर की भारी कमी और अंगूठा लगवाकर 383 कार्डधारकों को राशन न बांटने का खुलासा, ग्रामीणों ने जताई विभागीय साठगांठ की आशंका
सूरजपुर / प्रतापपुर- प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत नरोला स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितता उजागर हुई है। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम प्रतापपुर ने संचालन एजेंसी ‘उजाला महिला स्व-सहायता समूह’ की अध्यक्ष, सचिव और विक्रेता (गोविंदपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष) संजय मराबी सहित चार लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, जांच के बाद भी अब तक एफआईआर (FIR) दर्ज न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
नोटिस में गंभीर गबन का खुलासा:
एसडीएम कार्यालय से जारी नोटिस (क्रमांक 1763/खाद्य/2026) के अनुसार, खाद्य निरीक्षक की जांच में ऑनलाइन स्टॉक और भौतिक स्टॉक के मिलान पर 203.53 क्विंटल चावल और 1.66 क्विंटल शक्कर कम पाई गई। इसके अतिरिक्त, ई-पॉस मशीन में 383 हितग्राहियों का अंगूठा लगवाकर 138.06 क्विंटल चावल, 3.38 क्विंटल शक्कर और 7.50 क्विंटल नमक का वितरण नहीं किया गया। एसडीएम ने इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) नियंत्रण आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) 1955 की धारा 3/7 का सीधा उल्लंघन मानते हुए 3 दिन के भीतर जवाब तलब किया है।
ग्रामीणों ने वीडियो जारी कर दी आंदोलन की चेतावनी:
सरकारी राशन न मिलने से परेशान ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि महीनों से अंगूठा लगवाने के बाद भी चावल नहीं दिया जा रहा है, जिससे गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विक्रेता के सत्ताधारी दल से जुड़े होने के कारण विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती की आशंका बन रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि गबन के दोषियों पर तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
प्रशासनिक बयान:
इस पूरे मामले में सूरजपुर कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच फाइल तलब की है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गरीबों के राशन में हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच में गबन सिद्ध होने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई व एफआईआर दर्ज की जाएगी।