तालाबनुमा गड्ढे और निकलीं छड़ें, राहगीरों के लिए जानलेवा खतरा; तत्काल मरम्मत की मांग।
सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। जिले के विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत प्रमुख मार्गों पर स्थित भैंसामुंडा महानदी पुल और प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग पर बने बांकी नदी पुल की बदहाली राहगीरों के लिए गंभीर मुसीबत बन गई है। दोनों पुलों की सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे उभर आए हैं और कई स्थानों पर लोहे की छड़ें (सरिया) बाहर निकल आई हैं, जिससे वाहन चालकों के लिए हर वक्त जानलेवा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
महानदी पुल पर पानी भरे गड्ढे बन रहे ‘डेथ ट्रैप’
भैंसामुंडा-बनारस मुख्य मार्ग पर स्थित महानदी पुल पर तालाबनुमा गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। भारी वाहनों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा जोखिम भरी साबित हो रही है। आमने-सामने से वाहनों के पास होने के दौरान असंतुलित होकर फिसलने का डर लगातार बना रहता है।
लाखों रुपये की मरम्मत पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि कुछ महीने पहले ही लोक निर्माण विभाग (PWD) ने महानदी पुल की मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च किए थे। बावजूद इसके, इतने कम समय में सड़क फिर से उखड़ गई और सरिया बाहर आ गया। ग्रामीणों ने मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर कड़े सवाल उठाते हुए पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
बांकी नदी पुल पर भी छलनी सड़क और निकला सरिया
दूसरी तरफ, प्रतापपुर-अंबिकापुर मुख्य मार्ग पर स्थित बांकी नदी पुल की स्थिति भी बदतर है। यहां भी सड़क उखड़ने से सरिया बाहर झांक रहा है। तेज रफ्तार से निकलने वाले वाहनों के टायर फटने और वाहन पलटने का खतरा बना रहता है।
प्रशासन से तत्काल स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों और नियमित राहगीरों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना PWD तकनीकी टीम भेजकर दोनों पुलों का निरीक्षण कराए और गुणवत्तापूर्ण स्थायी मरम्मत सुनिश्चित करे।