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जिला प्रशासन की पहल पर रैम्प योजना के तहत पर्यटन क्षेत्र पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित

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पर्यटन संभावनाओं के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों पर हुआ मंथन

सूरजपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं, सुविधाओं के विस्तार से बढ़ेगा स्थानीय रोजगार – रामसेवक पैकरा

सूरजपुर- जिले में पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं को बढ़ावा देने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल से रैम्प योजना के तहत पर्यटन क्षेत्र पर आयोजित एक दिवसीय विशेष सेमिनार का शुभारंभ हीरा लाल साधु राम सेवा कुंज, सूरजपुर में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर कलेक्टर रेना जमील, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, वनमंडलाधिकारी विपुल अग्रवाल, चैम्बर ऑफ कॉर्मस इंडस्ट्री रौनक जैन, जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष कलवंत गोयल जनपद पंचायत अध्यक्ष स्वाति संत सिंह, जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र सिंह पाटले पर्यटन क्षेत्र से जुड़े युवा, उद्यमी, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं क्रियेटर्स अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।

सूरजपुर जिले की पर्यटन संभावनाओं को व्यापक पहचान दिलाने के साथ पर्यटन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा स्थानीय युवाओं एवं समुदाय को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के उदद्ेश्य से सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले की प्राकृतिक सुंदरता, वन क्षेत्र, जलाशयों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों तथा स्थानीय विरासत को पर्यटन के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

सूरजपुर टूरिज्म लोगो का हुआ अनावरण- कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा सूरजपुर टूरिज्म लोगो का अनावरण किया गया। यह लोगो जिले की प्राकृतिक संपदा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यटन की विविध संभावनाओं को एक विशिष्ट पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से जिले के पर्यटन स्थलों को ब्रांड पहचान देने तथा उनकी विशेषताओं को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

       वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि सूरजपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय रोजगार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी पर्यटन स्थल की सफलता के लिए पर्यटकों को जानकारी के साथ आवागमन, ठहरने, खान-पान एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है।

श्री पैकरा ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया पयर्टन को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है जिसके माध्यम से सूरजपुर की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व एवं स्थानीय संस्कृति को डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाया जाना चाहिए। स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, परिवहन और गाइड सेवा को पर्यटन से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने केनापारा की तर्ज पर भटगांव क्षेत्र को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने तथा पर्यटन सर्किट बनाने की आवश्यकता बताई।

पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का माध्यम – कलेक्टर

कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। पर्यटन के लिए आने वाले लोगों को घूमने के साथ ठहरने, खाने-पीने और अन्य सुविधाओं की जरूरत होती है। सूरजपुर में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं, लेकिन इन्हें व्यवस्थित पर्यटन ढांचे के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।

                उन्होंने कहा कि जिले में माइनिंग टूरिज्म सहित प्राकृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। केनापारा में पूर्व में खनन के लिए उपयोग किए गए क्षेत्र को रिक्लेम कर पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया गया, जिससे पर्यटन के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। पर्यटन को रूरल इकोनॉमी से जोड़कर स्थानीय युवाओं और समुदाय के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

              कलेक्टर ने कहा कि जिले में रेल एवं सड़क की बेहतर कनेक्टिविटी पर्यटन विस्तार के लिए महत्वपूर्ण आधार है। और उपलब्ध पर्यटन स्थलों को व्यवस्थित रूप से विकसित कर स्थानीय संस्कृति, खान-पान, उत्पाद एवं जीवनशैली को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता है।

सेमिनार में राज्य स्तर से आए अतिथियों एवं विशेषज्ञों ने ईको-एथनिक एवं सस्टेनेबल टूरिज्म ,पर्यटन विकास की आधुनिक अवधारणाओं पर पर प्रकाश डाला। 

हरी झंडी दिखाकर शुरू की गई दो दिवसीय पर्यटन यात्रा

सेमिनार के पश्चात अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर दो दिवसीय पर्यटन यात्रा का शुभारंभ किया। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। प्रतिभागी पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं स्थानीय विशेषताओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे तथा पर्यटन आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को समझेंगे। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर रेना जमील के पहल से सूरजपुर की पर्यटन क्षमता को नई पहचान देने तथा पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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