सोलह शृंगार कर महिलाओं ने की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना; रातभर चला भजनों और पारंपरिक गीतों का दौर
सूरजपुर/भैयाथान- विकासखंड भैयाथान सहित ग्रामीण अंचलों में सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व हरितालिका तीज पूर्ण श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। 2पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर महिलाओं ने 24 घंटे का कठोर निर्जला व्रत रखा और माता पार्वती व भगवान शिव की विशेष आराधना की।
बालू व मिट्टी से शिवलिंग बनाकर की गई पूजा
पर्व के अवसर पर भैयाथान क्षेत्र के गांवों व कस्बों में सुहागिन महिलाओं ने सोलह शृंगार कर पारंपरिक वेशभूषा में सामूहिक पूजा-अर्चना की। घरों और आंगनों में रंगोली सजाकर महिलाओं ने मिट्टी व बालू से भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमाएं बनाकर स्थापित कीं। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, मदार के फूल, शमी पत्र तथा ऋतु फल अर्पित कर षोडशोपचार विधि से पूजन किया गया। माता पार्वती को सुहाग की सामग्री (चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, चुनरी) अर्पित कर अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा गया।
रातभर चला जागरण और तीज गीतों का दौर
तीज पर्व पर हरितालिका व्रत कथा का श्रवण करने के बाद महिलाओं ने रातभर जागरण किया। इस दौरान पारंपरिक तीज गीतों और शिव भजनों की गूंज से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। व्रती महिलाओं ने रतजगा कर भगवान भोलेनाथ की स्तुति की।
सुबह विसर्जन के साथ संपन्न हुआ व्रत
अगले दिन प्रातःकाल विधि-विधान से पुनः पूजन और आरती करने के बाद मिट्टी के शिवलिंग और प्रतिमाओं का पवित्र जलाशयों में विसर्जन किया गया। इसके बाद ब्राह्मणों व जरूरतमंदों को दान-पुण्य कर महिलाओं ने पारण कर अपना निर्जला व्रत पूर्ण किया। क्षेत्र में पर्व को लेकर दिनभर खासा उत्साह और धार्मिक माहौल देखने को मिला।