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गोबरी नदी में 15 दिन में बहे रपटा पुल पर फूटा जनआक्रोश: ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 15 दिनों में काम शुरू कराने का मिला आश्वासन

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कलेक्टर के आश्वासित समय में काम शुरू न होने पर ग्रामीणों के साथ जनपद सभापति राजू गुप्ता बैठेंगे धरना पर

पखवाड़े भर में बहे पुल के मामले में विभाग ने ठेकेदार का भुगतान रोका, ग्रामीणों ने दी 10 दिन में ठोस कार्रवाई न होने पर NH-43 चक्काजाम की दो-टूक चेतावनी

सूरजपुर- जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत डबरीपारा (खुटरापारा) में गोबरी नदी पर हाल ही में निर्मित रपटा पुल के महज 15 दिनों के भीतर पानी के तेज बहाव में बहकर धराशायी होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गुणवत्ताहीन निर्माण और संभावित वित्तीय अनियमितता को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बुधवार, 23 सितंबर को बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए मांगें पूरी न होने पर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-43) पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन व चक्काजाम की दो-टूक चेतावनी दी है।

जनसहयोग के आगे झुका प्रशासन: आनन-फानन में स्वीकृत किए थे 15 लाख

उल्लेखनीय है कि 30 जून 2025 को गोबरी नदी पर बना मुख्य पुल पूरी तरह ध्वस्त हो गया था। इसके बाद क्षेत्र के जनप्रतिधियों एवं ग्रामीणों ने पुल निर्माण को लेकर शासन-प्रशासन से कई बार गुहार लगाई और लगातार आवेदन-निवेदन का दौर चलता रहा। प्रशासनिक उदासीनता और कोई ठोस कदम न उठाए जाने से आहत ग्रामीणों ने आखिरकार खुद मोर्चा संभालते हुए जनसहयोग से स्वयं रपटा पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया था। ग्रामीणों के इस कड़े कदम से हरकत में आए शासन-प्रशासन ने आनन-फानन में हस्तक्षेप किया और रपटा पुल निर्माण हेतु ₹15 लाख की शासकीय स्वीकृति प्रदान की थी।

कलेक्टर ने दिया 15 दिनों का आश्वासन, ठेकेदार का भुगतान अटका

प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि 15 दिनों के भीतर धरातल पर काम शुरू करा दिया जाएगा। वहीं इस पूरे मामले में एक और अहम जानकारी सामने आई है कि पूर्व में जिस रपटा पुल का निर्माण कराया गया था, उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने के कारण संबंधित ठेकेदार को विभाग द्वारा अब तक बिल का भुगतान नहीं किया गया है।

15 दिन में बहा पुल, हजारों ग्रामीणों का आवागमन ठप 

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि गोबरी नदी पर स्थित पुराना पुल लगभग एक वर्ष से क्षतिग्रस्त था। ग्रामीणों और राहगीरों की सुविधा के लिए हाल ही में रपटा पुल का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण के मात्र 15 दिनों के भीतर ही यह पानी के तेज बहाव में बह गया। पुल टूट जाने से क्षेत्र के स्कूली बच्चों, किसानों, मजदूरों, मरीजों और आपातकालीन 108 एंबुलेंस वाहनों का आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो चुका है, जिससे हजारों ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व 7 जुलाई 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भैयाथान को पत्र लिखकर संभावित खतरे से आगाह किया गया था, परंतु समय रहते ध्यान नहीं दिया गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष रखीं तीन प्रमुख मांगें

रपटा पुल की तत्काल मरम्मत- गोबरी नदी पर ध्वस्त रपटा पुल की फौरी मरम्मत कराई जाए ताकि ग्रामीणों, विद्यार्थियों व मरीजों के लिए सुरक्षित आवागमन जल्द से जल्द बहाल हो सके।

स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण पुल का निर्माण- बरसात के दिनों में बार-बार उत्पन्न होने वाले जलभराव और अवरोध से स्थायी मुक्ति के लिए उच्च गुणवत्ता वाले पक्के पुल का निर्माण स्वीकृत कर धरातल पर कार्य शुरू किया जाए।

लापरवाही की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई- 15 दिनों में बहे रपटा पुल निर्माण कार्य की गुणवत्ता, उपयोग की गई निर्माण सामग्री तथा तकनीकी मापदंडों की तकनीकी विशेषज्ञों से जांच कराई जाए और जिम्मेदार ठेकेदार, निर्माण एजेंसी व संबंधित अधिकारियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए।

अल्टीमेटम: ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठेंगे सभापति

ज्ञापन के माध्यम से अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में उचित और ठोस कार्रवाई शुरू नहीं होती है, तो जनपद सभापति राजू कुमार गुप्ता के नेतृत्व में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, युवा और हजारों ग्रामीण राष्ट्रीय राजमार्ग NH-43 पर डुमरिया स्थित विश्वकर्मा ढाबा के पास कतारबद्ध बैठकर लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से चक्काजाम करने को बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।  

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित

ज्ञापन सौंपने के दौरान जनपद सभापति राजू कुमार गुप्ता के साथ ग्राम पंचायत डबरीपारा सरपंच, ग्राम पंचायत बांसापारा सरपंच, ग्राम पंचायत गंगौटी सरपंच व उपसरपंच सहित मुख्य रूप से निरज साहू, प्रवीण कुमार साहू, दिपनारायण साहू, जगतपाल सिंह, चन्द्रदेव साहू, अवधेश कांशी, लाकेश्वर सिंह मरावी, राजेंद्र यादव, हरिओम नारायण पाण्डेय, राकेश साहू, रामदत्त पाण्डेय, लवकेश यादव, मनोज यादव, दीपक साहू, छैला बाबू, कृष्णा यादव, ललन साहू, चीनू गुप्ता सहित क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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