मंत्रालय से 9 सितंबर को जारी हुआ था आदेश, कोरिया जिले से रायगढ़ किया गया था प्रशासनिक तबादला, आदेश के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा
सूरजपुर/भैयाथान- छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण सूची के क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। मंत्रालय (महानदी भवन, नवा रायपुर) द्वारा 9 सितंबर 2026 को जारी आदेश क्रमांक ESTB/28202/2026-REVENUE-7-2 के अनुसार तहसीलदार उमेश कुमार कुशवाहा का प्रशासनिक आधार पर कोरिया जिले से रायगढ़ जिले में स्थानांतरण किया गया है। शासन के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि यह पदस्थापना ‘तत्काल प्रभाव’ से आगामी आदेश पर्यन्त लागू की जाती है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी के अब तक नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण न करने और क्षेत्र में ही बने रहने को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं गर्म हैं।
आदेश में ‘तत्काल प्रभाव’ का उल्लेख, क्रियान्वयन में देरी क्यों?
शासन द्वारा जारी सूची के सरल क्रमांक 1 पर तहसीलदार उमेश कुमार कुशवाहा का नाम दर्ज है, जिसमें उनकी वर्तमान पदस्थापना ‘कोरिया’ तथा नवीन पदस्थापना ‘रायगढ़’ दर्शित है। सामान्य प्रशासनिक सेवा नियमों के अनुसार, स्थानांतरण आदेश जारी होने के निर्धारित समय-सीमा के भीतर अधिकारी को पुरानी पदस्थापना से कार्यमुक्त (रिलीव) होकर नवीन पदस्थापना स्थल पर योगदान देना होता है। हालांकि, तीन सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी रिलीविंग की प्रक्रिया पूरी न होना विभागीय कसावट और शासन के निर्देशों की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
स्थानीय व्यवस्था, तकनीकी अड़चन या प्रशासनिक ढिलाई?
क्षेत्रीय स्तर पर उठ रही चर्चाओं के अनुसार, संबंधित अधिकारी के स्थानांतरण के बावजूद मूल पदस्थापना क्षेत्र में बने रहने के पीछे स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था या किसी विशेष कार्य का हवाला दिया जा रहा है। वहीं, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या शासन के स्थानांतरण आदेश के बाद रिलीविंग न किए जाने के पीछे कोई नया सक्षम निर्देश है अथवा सामान्य ढिलाई के चलते आदेश का क्रियान्वयन अटका हुआ है?
इस पूरे मामले में प्रशासनिक व्यवस्था के सामने कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं:
शासन के आदेश का पालन- जब मंत्रालय के आदेश में ‘तत्काल प्रभाव’ का स्पष्ट निर्देश है, तो इतने दिनों बाद भी रिलीविंग न होने का वैधानिक आधार क्या है?
आधिकारिक स्पष्टीकरण की आवश्यकता- यदि किसी विशेष प्रशासनिक दायित्व के चलते अधिकारी को वर्तमान स्थान पर रोका गया है, तो क्या इस संबंध में जिला प्रशासन या शासन स्तर से कोई अधिकृत आदेश जारी किया गया है?
प्रशासनिक अनुशासन पर प्रभाव- उच्च स्तर से जारी स्थानांतरण आदेशों का समय पर पालन न होने से व्यवस्था में क्या संदेश जाता है?
जवाबदेही किसकी- शासन के आदेश के बावजूद अधिकारी को कार्यमुक्त न करने और नवीन पदस्थापना पर न भेजने को लेकर स्थानीय स्तर पर किसकी जिम्मेदारी बनती है?
स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक
प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि सक्षम अधिकारी मामले में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। यदि किसी विशेष प्रशासनिक व्यवस्था के तहत कार्यमुक्ति रोकी गई है, तो उसका अधिकृत आधार सामने आना चाहिए, जिससे अनावश्यक अटकलों पर विराम लग सके।
पारदर्शिता एवं निष्पक्षता नोट
यह समाचार छत्तीसगढ़ शासन के सार्वजनिक आदेश क्रमांक ESTB/28202/2026-REVENUE-7-2 और प्रशासनिक नियमों के संदर्भ पर आधारित है। इस विषय पर सक्षम जिला प्रशासन अथवा संबंधित अधिकारी का कोई भी अधिकृत स्पष्टीकरण या नवीन आदेश सामने आने पर उसे भी प्राथमिकता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।