आठ वर्षों में लगभग 100 अभ्यर्थियों का विभिन्न शासकीय पदों पर अंतिम चयन
जिला प्रशासन की पहल और शिक्षकों के निःस्वार्थ शैक्षणिक सहयोग से युवाओं को मिल रहा मार्गदर्शन
सूरजपुर- सेवा संकल्प अभियान में जनसेवा और जनभागीदारी की भावना को आगे बढ़ाने के बीच जिला प्रशासन सूरजपुर की पहल अरुणोदय ने आज अपनी स्थापना के आठ वर्ष पूर्ण किया है। ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अवसर उपलब्ध कराने वाला अरुणोदय संस्थान शिक्षा के माध्यम से सेवा और युवा सशक्तीकरण का उदाहरण बना है। संस्थान से अब तक लगभग 100 अभ्यर्थियों का विभिन्न प्रशासनिक एवं अन्य शासकीय पदों पर अंतिम चयन हुआ है। वहीं 250 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षाओं में अर्हता प्राप्त की है।
गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर 02 अक्टूबर 2018 को जिला प्रशासन की पहल से अरुणोदय की शुरुआत की गई थी। जिसका उद्देश्य आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण बड़े शहरों में जाकर तैयारी नहीं कर पाने वाले प्रतिभावान युवाओं को स्थानीय स्तर पर मार्गदर्शन और अध्ययन की सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा है और आठ वर्षों में संस्थान ने किसान, मजदूर एवं सीमित आय वाले परिवारों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शिक्षा के माध्यम से सेवा संकल्प की भावना को मिल रही दिशा
सेवा संकल्प अभियान की सेवाभाव और सामूहिक योगदान की भावना अरुणोदय की कार्यप्रणाली में भी दिखाई देती है। प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और सफल पूर्व अभ्यर्थियों द्वारा समय देकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करना निःस्वार्थ शैक्षणिक सहयोग का उदाहरण है। इस साझा प्रयास से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का विश्वास मिल रहा है।
प्रशासनिक सहयोग से मजबूत हुई शैक्षणिक व्यवस्था
कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन में संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, नियमित मूल्यांकन तथा अध्ययन के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त घनश्याम कुमार सिंह के समन्वय से लाइब्रेरी, अध्ययन कक्ष एवं आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था को मजबूती मिली है। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को अपनी तैयारी नियमित और व्यवस्थित ढंग से करने में सहायता मिल रही है।
नियमित कक्षाओं और अभ्यास से निखर रही प्रतिभा
संस्था प्रमुख सोमनाथ साहू स्थापना से ही शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और संस्थागत व्यवस्थाओं के समन्वय में योगदान दे रहे हैं। शिक्षक रोहित तिवारी के अकादमिक मार्गदर्शन में नियमित कक्षाओं के साथ उत्तर-लेखन अभ्यास, टेस्ट सीरीज, परीक्षा-विश्लेषण और विषयवार मार्गदर्शन दिया जा रहा है। नियमित मूल्यांकन से अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की स्थिति समझने और कमियों को सुधारने का अवसर मिलता है। अवकाश के दिनों में भी अध्ययन एवं मार्गदर्शन सत्रों का संचालन भी किया जाता है।
सफल अभ्यर्थियों के अनुभव बन रहे नई पीढ़ी की प्रेरणा
जिले के प्रशासनिक अधिकारी, अनुभवी शिक्षक एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल पूर्व अभ्यर्थी समय-समय पर संस्थान के विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा करते हैं। अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन और परीक्षा की रणनीति संबंधी मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को तैयारी की बेहतर दिशा मिल रही है। यहां से चयनित अभ्यर्थियों की उपलब्धियां अन्य युवाओं को भी प्रेरित कर रही हैं। इससे ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि और शासकीय सेवाओं में चयन का आत्मविश्वास बढ़ा है।
स्थानीय स्तर पर अवसर मिलने से आसान हुई तैयारी की राह
अरुणोदय ने सूरजपुर एवं आसपास के युवाओं को अपने क्षेत्र में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का विकल्प दिया है। इससे बड़े शहरों में रहकर अध्ययन करने पर होने वाले खर्च की कठिनाई का सामना कर रहे परिवारों के विद्यार्थियों को राहत मिली है। सेवा संकल्प अभियान के दौरान अरुणोदय की आठ वर्षों की उपलब्धियां शिक्षा के माध्यम से जनसेवा के महत्व को सामने ला रही हैं। जिला प्रशासन के सहयोग, शिक्षकों के समर्पण और विद्यार्थियों के निरंतर परिश्रम से यह पहल ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र की प्रतिभाओं को अवसर प्रदान कर उनके सपनों को साकार करने में सहभागी बन रही है।