सूरजपुर- जिला न्यायालय सूरजपुर के सभा गक्ष में साइबर क्राईम, डिजिटल अरेस्ट, साइबर सुरक्षा एवं किशोर न्याय अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन एवं सचिव सुश्री पायल टोपनों के नेतृत्व में किया गया।
कार्यशाला में साइबर सेल प्रभारी अधिकारी जावेद मियादाद, साइबर विशेषज्ञ विनोद सारथी एवं सहायक राय सिंह द्वारा पैरालीगल वॉलेंटियर्स को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी, ऑनलाईन ठगीं तथा साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलूओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान साइबर अपराध से बचाव के उपायों और आम नागरिकों को सतर्क एवं जागरूक करने की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण सत्र किशोर न्याय अधिनियम पर केंद्रित रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल टोपनो ने बच्चों से संबंधित विधिक प्रावधानों, उनके अधिकारों एवं संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होने बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, विधिक संरक्षण तथा बढ़ते अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में बताया गया कि पैरालीगल वॉलेंटियर्स न्याय व्यवस्था और समाज के अंतिम व्यक्ति के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त जानकारी को गाँव, बस्तियों और आमजन तक पहुंचाकर साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों के अधिकारों और किशोर न्याय संबंधी कानूनों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में पैरालीगल वॉलेंटियर्स की भूमिका अहम होगी।