जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने प्रमुख सचिव व कलेक्टर को सौंपा शिकायती पत्र, बिना निविदा व क्रय समिति के एक ही प्रतिष्ठान को लाखों के भुगतान का आरोप
सूरजपुर। जनपद पंचायत सूरजपुर में विगत तीन वित्तीय वर्षों के दौरान जलपान एवं भोजन व्यवस्था के नाम पर हुए लाखों रुपये के शासकीय व्यय को लेकर प्रशासनिक व राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत प्राप्त प्रमाणित दस्तावेजों का हवाला देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी सूरजपुर के जिला मीडिया प्रभारी अविनाश साहू ने प्रमुख सचिव (पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग) तथा सूरजपुर कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है।
तीन वित्तीय वर्षों में ₹7.83 लाख से अधिक का व्यय
कलेक्टर कार्यालय में 5 अक्टूबर 2026 को दर्ज शिकायत के अनुसार, जनपद पंचायत सूरजपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के मध्य जलपान व भोजन मद में कुल ₹7,83,382 का भुगतान किया गया है। प्राप्त दस्तावेजों के हवाले से शिकायतकर्ता ने वर्षवार ब्योरा प्रस्तुत करते हुए बताया है कि:
वर्ष 2023-24: ₹2,23,678
वर्ष 2024-25: ₹2,60,084
वर्ष 2025-26: ₹2,99,620
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि यह संपूर्ण भुगतान लगातार एक ही निजी प्रतिष्ठान (गंगा श्री स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट, सूरजपुर) से संबंधित दर्शाया गया है।
बिना निविदा व क्रय समिति प्रक्रिया के भुगतान का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि जनपद पंचायत से प्राप्त आरटीआई जानकारी (पत्र क्रमांक 1436) के अनुसार इन व्ययों के लिए कोई खुली निविदा (Tender) अथवा कोटेशन प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी। ज्ञापन में छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों के उपनियम 4.12 का संदर्भ देते हुए कहा गया है कि ₹50,000 से अधिक के वार्षिक क्रय पर विधिवत क्रय समिति का गठन, बैठक व दर-गुणवत्ता परीक्षण अनिवार्य होता है, जिसका इस मामले में समुचित पालन नहीं होने की आशंका है।
बैठकों में उपस्थिति और सामग्री की मात्रा में विसंगति का दावा
प्रस्तुत आवेदन में बैठकों में वास्तविक उपस्थिति और बिलों में दर्शाई गई मात्रा के अंतर पर भी सवाल खड़े किए गए हैं: वर्ष 2025-26 की 11 बैठकों में कुल 255 व्यक्तियों की उपस्थिति के विरुद्ध 489 स्नैक्स पैकेट, 779 भोजन पैकेट और 1,125 चाय/कॉफी का आहरण दर्शाया गया है।
वर्ष 2024-25 में 4 बैठकों की 106 उपस्थिति पर 435 स्नैक्स और वर्ष 2023-24 में 7 बैठकों की 169 उपस्थिति पर 400 स्नैक्स का भुगतान दर्ज है।
शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि वे सीधे तौर पर बिलों को फर्जी नहीं ठहरा रहे, किंतु बैठक आदेश, उपस्थिति पत्रक, वास्तविक मांग और देयकों का भौतिक सत्यापन किया जाना आवश्यक है। साथ ही स्टॉक पंजी प्रविष्टि और संबंधित बिलों पर जीएसटी विवरण के मिलान की भी मांग रखी गई है।
उच्चस्तरीय जांच और एक्शन टेकन रिपोर्ट का आग्रह
ज्ञापन में 10 प्रमुख बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच कराने, वास्तविक आपूर्ति से अधिक भुगतान पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों से राशि वसूली करने तथा 15 दिवस के भीतर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। शिकायत की प्रतिलिपि संभागायुक्त, ईओडब्ल्यू, संचालक पंचायत एवं महालेखाकार को भी प्रेषित की गई है।
पारदर्शिता एवं विधिक संतुलन नोट:
यह समाचार सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त प्रमाणित अभिलेखों तथा सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों को प्रस्तुत शिकायती ज्ञापन (दिनांक 05/10/2026) पर आधारित है। इस प्रकरण में जनपद पंचायत सूरजपुर प्रबंधन, संबंधित प्रतिष्ठान अथवा जांच अधिकारियों का कोई भी आधिकारिक स्पष्टीकरण या जांच निष्कर्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्राथमिकता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।