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मृत्यु के बाद किसान के नाम पर फर्जी केसीसी लोन निकालने का आरोप: बेटे को थमाया 64 हजार का वसूली नोटिस, कलेक्टर से शिकायत

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आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सोनपुर के कर्मचारी पर लगा गंभीर आरोप, मई 2021 में हुई थी किसान की मौत, जून 2021 में स्वीकृत हुआ ₹1.29 लाख का लोन, अब बेटे ने की एफआईआर दर्ज कराने की मांग

सूरजपुर/भैयाथान- आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित सोनपुर (पंजीयन क्रमांक 580) में मृत किसान के नाम पर फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन प्रकरण तैयार कर लाखों रुपये आहरण करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। किसान की मृत्यु के बाद निकाले गए इस लोन की वसूली के लिए अब मृतक के आश्रित पुत्र को समिति द्वारा 64,512 रुपये का बकाया नोटिस थमा दिया गया है। इस मामले को लेकर पीड़ित पुत्र ने जिला कलेक्टर सूरजपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए दोषी कर्मचारी के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने और ऋण वसूली से राहत दिलाने की गुहार लगाई है।

मई 2021 में किसान की मृत्यु, जून 2021 में निकाला गया 1.29 लाख का लोन

कलेक्टर को 14 अक्टूबर 2026 को प्रस्तुत लिखित शिकायत के अनुसार, ग्राम खड़गवां (थाना सूरजपुर, तहसील भैयाथान) निवासी देवी प्रसाद ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय हरिप्रसाद की मृत्यु 10 मई 2021 को हो चुकी थी, जिसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी विधिवत जारी है। आरोप है कि पिता के देहांत के उपरांत समिति में पदस्थ कर्मचारी जिवतेश श्रीवास्तव द्वारा उनके स्वर्गीय पिता के नाम पर 1 जून 2021 को केसीसी ऋण प्रकरण स्वीकृत कराया गया। इसके बाद 1 जून 2021 को ₹75,000 तथा 11 जून 2021 को ₹54,000 (कुल ₹1,29,000) का आहरण कर लिया गया।

जनदर्शन में शिकायत के बाद जमा कराया था पैसा, फिर भेजा 64 हजार का डिमांड नोटिस

आवेदक के मुताबिक, जब वर्ष 2024 में बैंक स्टेटमेंट से उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई, तो उन्होंने 22 जुलाई 2024 को कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के उपरांत संबंधित कर्मचारी ने झांसे में लेकर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा भैयाथान में ₹1,29,000 जमा करा दिए और कहा कि पूरा ऋण चुकता हो गया है, जिसके बाद शिकायत वापस करा ली गई।

परंतु हैरानी की बात यह है कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सोनपुर द्वारा 7 अक्टूबर 2026 को मृतक हरिप्रसाद के नाम पर पुनः डिमांड नोटिस जारी कर दिया गया। इसमें मूलधन 50,829 रुपये और ब्याज 13,683 रुपये जोड़कर कुल 64,512 रुपये की कालातीत ऋण अदायगी तत्काल करने का फरमान सुनाया गया है।

कर्मचारी पर प्राथमिकी और समिति से हटाने की मांग

मृतक किसान के पुत्र ने प्रशासन को दिए आवेदन में कहा है कि न तो उनके पिता ने जीवनकाल में यह कर्ज लिया था और न ही उन्होंने कोई ऋण लिया है। बार-बार वसूली नोटिस मिलने और पैसे देने के दबाव से परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रहा है।

आवेदक देवी प्रसाद ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए, फर्जी केसीसी ऋण वितरण संबंधी मूल दस्तावेजों को जब्त कर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए तथा किसान हित में कर्मचारी को समिति के पद से तत्काल हटाया जाए।

इस शिकायत की प्रतिलिपि सहकारिता विभाग के सचिव, पंजीयक सहकारी संस्थाएं, संयुक्त पंजीयक सरगुजा संभाग और उप पंजीयक सूरजपुर को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।

पारदर्शिता एवं विधिक संतुलन नोट:

यह समाचार आवेदक देवी प्रसाद (निवासी खड़गवां) द्वारा जिला कलेक्टर सूरजपुर को प्रस्तुत लिखित शिकायत पत्र (आवक दिनांक 14/10/2026), कार्यालयीन मृत्यु प्रमाण पत्र तथा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सोनपुर द्वारा जारी डिमांड नोटिस (दिनांक 07/10/2026) के आधार पर संकलित किया गया है। मामले में संबंधित कर्मचारी व समिति का पक्ष अथवा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर उसे भी निष्पक्षता से स्थान दिया जाएगा।

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