सूरजपुर। जिले में जंगली हाथी की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार को महज़ दो घंटे के भीतर हाथी के हमले में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद से पूरे क्षेत्र में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है। लगातार हो रहे हमलों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली, निगरानी तंत्र और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घास काटने गए वनकर्मी को उतारा मौत के घाट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लटोरी चौकी अंतर्गत ग्राम अखोरा कला निवासी मानदेव यादव (पिता हनुमान यादव) मवेशियों के लिए घास काटने गए हुए थे। इसी दौरान ‘काबरा कान’ बताए जा रहे दल से भटके हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हाथी के पैरों तले कुचले जाने से मानदेव यादव की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक वन विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे।
सड़क पर बाइक सवार पर हमला, भतीजे ने छिपकर बचाई जान
इससे पूर्व, अखोरा रोड स्थित कल्याणपुर नदी और फुलझर नदी के पास भी इसी हाथी ने एक अन्य व्यक्ति पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। बताया जा रहा है कि पीड़ित अपने भतीजे के साथ बाइक से जा रहा था, तभी अचानक हाथी सामने आ गया। हमले के दौरान भतीजे ने पास खड़े ट्रक के नीचे छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई, जबकि उसके साथ मौजूद व्यक्ति को हाथी ने संभलने का मौका तक नहीं दिया।
प्रशासन और वन विभाग की सतर्कता पर उठे सवाल
एक ही क्षेत्र में दो घंटे के अंतराल में दो मौतों की इस घटना ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही को लेकर समय पर चेतावनी और प्रभावी निगरानी का अभाव बना हुआ है। खेतों और रास्तों पर आवाजाही के दौरान सुरक्षा के ठोस उपाय न होने से आए दिन ग्रामीण अपनी जान गंवा रहे हैं।
घटना की सूचना के बाद वन विभाग और पुलिस का अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने के साथ शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। विभाग द्वारा ग्रामीणों को जंगल व जोखिम वाले रास्तों की ओर अकेले न जाने की हिदायत दी जा रही है।