स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम (सेजेस) विश्रामपुर में हुआ आयोजन
146 बच्चों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, 55 पात्र बच्चों को मिलेंगे 109 सहायक उपकरण
सूरजपुर- जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, सूरजपुर के तत्वावधान में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय (सेजेस) विश्रामपुर में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक दिवसीय विकासखंड स्तरीय आंकलन एवं मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की शारीरिक व मानसिक स्थिति का परीक्षण कर उन्हें समाज और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
शिविर के दौरान सूरजपुर विकासखंड के कुल 146 बच्चों का विधिवत पंजीयन किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किए गए गहन परीक्षण के बाद 55 बच्चों को पात्र पाया गया। इन सभी चिन्हित बच्चों को आगामी दिनों में उनके दैनिक जीवन और अध्ययन को सुगम बनाने हेतु 109 सहायक उपकरण व सामग्रियां वितरित की जाएंगी।
शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने बच्चों की शारीरिक दिव्यांगता, श्रवण क्षमता, दृष्टि दोष और मानसिक स्थिति की बारीकी से जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। जांच दल में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गुप्ता, श्रवण रोग विशेषज्ञ डॉ. सूरज पाल, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गुप्ता तथा मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गुप्ता शामिल रहे।
इस अवसर पर विकासखंड स्रोत समन्वयक मनोज कुमार मंडल ने बच्चों और उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चे समाज के अभिन्न अंग हैं और उनमें असीम प्रतिभा छिपी होती है। शासन की मंशा इन बच्चों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की है, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की कमियों पर ध्यान न देकर उनका मनोबल बढ़ाने और शासकीय योजनाओं का लाभ उठाकर उन्हें आगे बढ़ाने की अपील की।
शिविर को सफल बनाने में संकुल समन्वयक गौरी शंकर पाण्डेय, विजय यादव, पंकज सिंह, राधा नन्दी, योगेश कुमार चन्द्राकर, अभिषेक दुबे, आजाद मो० अंसारी, अजय गोस्वामी, सुनील चौधरी, इन्दु राठौर, योगेश कुमार कश्यप, समृद्धि चन्द्राकर, दुबे राम पैंकरा, श्रीराम यादव और मंजु दुबे का सराहनीय योगदान रहा। सभी ने दूर-दराज से आए बच्चों और उनके अभिभावकों को सुचारू रूप से मार्गदर्शन और सुविधाएं उपलब्ध कराईं।