भू – माफियाओं द्वारा पेड़ों की कटाई कर की जा रही है खेती
सूरजपुर ।। दरअसल जंगल कटाई का एक मामला जनपद पंचायत ओडगी क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहरसोप से निकल कर आ रहा है। जहां भू – माफियाओं ने बीते एक महीने में हजारों पेड़ों को काट दिया है।
जब ग्रामीणों को इस बात की भनक लगी तो उन्होंने जंगल कटाई का विरोध करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के मना करने बावजूद भी भू – माफियाओं ने पेड़ों की कटाई जारी रखा तब इसकी शिकायत वन विभाग एवं राजस्व विभाग से किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा पेड़ काटने वालों को केवल हिदायत देकर छोड़ दिया गया। वहीं दूसरी तरफ़ ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और राजस्व विभाग साफ तौर पर ये नहीं बता पा रहा है कि आखिर पेड़ कटाई क्षेत्र की भूमि है किसकी ? इस बात को लेकर ग्रामीणों में अलग से नाराजगी देखी जा रही है।

वन विभाग के अधिकारियों द्वारा मना करने के बाद बाद भी बेखौफ भू – माफियाओं ने पेड़ों की कटाई को बदस्तूर जारी रखा है। भू – माफियाओं द्वारा जहां महुआ, चार, सरई और तेंदू सहित अन्य पेड़ो की कटाई करने से जहां एक ओर पर्यावरण को नुकसान तो पहुंच ही रहा वहीं ग्रामीणों के आजीविका का साधन भी खत्म होता दिखाई दे रहा है। और तो और विभागीय कार्यवाही न होने से भू माफियाओं हौसले भी बुलंद हो रहे हैं।
पर्यावरण की सुरक्षा के लिहाज से जहां एक ओर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा एक पेड़ मां के नाम से अभियान चलाया जा रहा वहीं दूसरी तरफ़ भू – माफियाओं द्वारा पेड़ों को काटकर इस अभियान को पलीता लगाया जा रहा है। मोहरसोप के ग्रामीणों द्वारा वहां के स्थानीय भू – माफियाओं को पेड़ों की कटाई करने से मना किया गया तो कुछ ग्रामीण के साथ मारपीट भी की गई है जिसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है।

पेड़ों की कटाई को रोकने हेतु कलेक्टर से गुहार लगाने पहुंचे ग्रामीणों के दल का नेतृत्व भटगांव विधासभा के युवा नेता एवं समाजसेवी ओमप्रकाश पैंकरा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रेम लाल, उदय कुमार, सीताराम कुशवाहा , सहित कई महिला एवं पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे।




















