सूरजपुर। आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री एस जयवर्धन के नेतृत्व में कुपोषण मुक्त सूरजपुर जिला हेतु रणनीति पर चर्चा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों एवं चिराग परियोजना से सम्बंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ की गई। इस दौरान जिले के बच्चों में कुपोषण, महिलाओं में एनीमिया के स्तर, उनके कारणों और उसके निदान के सम्बन्ध में गंभीर चर्चा की गई। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ, चिराग परियोजना के स्टेट हेड डॉ मयूर गुप्ता, सिविल सर्जन एवं डीपीएम सूरजपुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, डीडी कृषि,डीडी समाज कल्याण, डीईओ सूरजपुर,उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, खाद्य विभाग, ट्राइबल विभाग, मत्स्य विभाग के अधिकारी, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, चिराग परियोजना से सम्बन्धित गैर सरकारी संस्था के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित थे।

इस दौरान रणनीति पर चर्चा के दौरान महिला बाल विकास अधिकारी से जिले में कुपोषण की स्थिति एवं कुपोषण को दूर किए जाने के उपायों और उनके विभिन्न पक्षों पर चर्चा की गई। इन समस्याओं के लिए जिम्मेदार कारणों , यहां की भौगोलिक परिस्थितियों ,कुपोषण के कारण जैसे बाल विवाह, गैर संस्थागत प्रसव, अभिभावकों में जागरूकता की कमी, अभिभावकों (माता एवं पिता) दोनों के नशे की लत, स्वास्थ्य समस्या को लेकर चर्चा करते हुए इनके विभिन्न पहलुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया।
इस दौरान उक्त समस्याओं के निदान के लिए कुछ क्षेत्रों में संभावना को देखते हुए नवीन उपायों को अपनाने और उसे लागू करने पर चर्चा की गई। इस दौरान कुपोषण को कम करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद स्तर पर किचन गार्डन के विकास एवं आंगनबाडियों की स्थिति को और अधिक उन्नत करने के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की गई। गरीब एवं कुपोषण के शिकार लोगों का फूड सिस्टम को सही करने स्पेसिफिक कार्यक्रम चलाने की बात कही गई। इसके लिए सही पोषण हेतु मांस एवं दुग्ध आधारित खाद्य उत्पादों की उपलब्धता पर विशेष जोर देने की बात कही गई।इस दौरान सभी किसानों के खेतों का शत प्रतिशत मिट्टी परीक्षण, फसल विविधीकरण की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। ग्रामीण परिवारों द्वारा सेवन किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर चर्चा करते हुए, पूरे वर्ष भर पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही गई। इस बैठक में जिले में कुपोषण की स्थिति को सही करने के लिए सभी विभागों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया।

















